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Wednesday, February 25, 2015

सरफरोस


सरफरोस

सरफरोस तमन्ना उठ् कर चले थे हम
कोही पेहेचानना पाए ना अच्छा इन्सान ना वनसके
पूरा भारत रेल्वे पर सवार थी वो
नजर ना लुटा किसिने उसका 
आग ए टि।टि। जवरजस्त भाडेके ३५०÷५०० बच्चा था 
९ दिनके शफर मे वो थकि नेपालगञ्ज पहुँची रास्ते मे भुतनीके
और लौट चली विरगंज लखनउ, हरिद्वार तौक पहुँची और 
मिष्ठी और रवडी खाकर लौट चली जनकपुरी और पहुँची काठमाडौं
टाँग लडाके ।

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